भिंड जिले के आलमपुर नगर से गुजरने वाली प्रमुख सड़कों के दोनों ओर बबूल और अन्य प्रकार की कंटीली झाड़ियां बेतरतीब ढंग से उग आई हैं। इन झाड़ियों की समय पर कटाई-छंटाई न होने के कारण ये अब सड़कों तक फैल गई हैं, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर झुकी इन झाड़ियों से बचने के प्रयास में कई बार वाहन असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
प्रमुख मार्गों पर गहराया संकट
आलमपुर से रतनपुरा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग, शाहपुरा, गांगेपुरा और कॉक्सी सरकार होते हुए लहार जाने वाले प्रमुख मार्गों पर इन झाड़ियों का घनत्व काफी बढ़ गया है। ये झाड़ियां सड़कों के आधे से अधिक हिस्से को घेर लेती हैं, जिससे वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों को देखने और सुरक्षित ढंग से वाहन चलाने में अत्यधिक कठिनाई होती है। इस स्थिति के कारण इन रास्तों पर सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बना रहता है।
विशेष रूप से आलमपुर-लहार मार्ग पर कॉक्सी हनुमान मंदिर के अलावा लगभग एक दर्जन गांव पड़ते हैं, जिसके चलते यहां दिनभर छोटे और बड़े वाहनों का भारी आवागमन रहता है। इन घनी झाड़ियों के बीच से अचानक सड़क पर आ जाने वाले मवेशी भी कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इस व्यस्त मार्ग पर अब तक लगभग आधा दर्जन सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।
स्थानीय निवासियों की शिकायतें और विभाग की अनदेखी
स्थानीय निवासी मुलू तिवारी, राजेश पटैल, इद्दू खॉन, पवन कौरव, रोहित मिश्रा, गजेंद्र राठौर और पवन पाठक जैसे लोगों ने बताया कि ये झाड़ियां बेहद खतरनाक साबित हो रही हैं। उनके अनुसार, इन झाड़ियों के कारण अक्सर वाहन आपस में टकराकर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे लोगों में रोष है।
पिछले छह महीनों में आलमपुर-रतनपुरा मार्ग पर सामने से आने वाले वाहनों के ठीक से दिखाई न देने के कारण चार बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसी तरह, आलमपुर से गांगेपुरा जाने वाले मार्ग पर झाड़ियों से अचानक निकली एक गाय से टकराकर गोरन निवासी आकाश परिहार और उनके चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ऐसी छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं इन मार्गों पर आए दिन होती रहती हैं।
अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी, फिर भी समस्या बरकरार
यह उल्लेखनीय है कि आलमपुर से गुजरने वाले विभिन्न सड़क मार्ग अलग-अलग सरकारी विभागों के अधीन आते हैं। जहां आलमपुर-रतनपुरा मुख्य मार्ग लोक निर्माण विभाग के दायरे में है, वहीं आलमपुर-गांगेपुरा मार्ग प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत आता है। दुखद बात यह है कि किसी भी संबंधित विभाग द्वारा इन झाड़ियों की कटाई-छंटाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
इस संबंध में जब नायब तहसीलदार महेश माहौर से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मुख्य मार्गों के किनारे उगी हुई इन खतरनाक झाड़ियों को साफ करने के लिए संबंधित विभागों को जल्द ही निर्देश जारी किए जाएंगे। उनका कहना था कि आमजन को संभावित नुकसान से बचाने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!