रविवार की सुबह भिंड शहर में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला, जहां विकसित, समृद्ध और प्रगतिशील भिंड के संकल्प के साथ हजारों युवाओं ने लगभग पांच किलोमीटर लंबी 'रन फॉर समृद्धि' मैराथन में पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा लिया।
चंबल में बनेगी सैन्य प्रशिक्षण अकादमी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया ने कहा कि चंबल हमेशा से वीरों और देशभक्तों की भूमि रही है। अपने सैन्य कार्यकाल के दौरान 4,250 घंटे से अधिक फाइटर जेट उड़ाने और 30 प्रकार के विमानों का प्रशिक्षण देने वाले भदौरिया ने घोषणा की कि अब इस क्षेत्र में एक सैन्य प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस अकादमी में सेना के विभिन्न अंगों से सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ अधिकारी युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। उनका मानना है कि सेना युवाओं में केवल हथियार चलाने की कला नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, तकनीक और राष्ट्रसेवा की सच्ची भावना भी जागृत करती है।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और दिए टिप्स
इस आयोजन में देश के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी शामिल हुए। एम्स नई दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. संजय राय ने कोरोना महामारी के दौरान स्वदेशी वैक्सीन के निर्माण से जुड़े अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि कैसे वैज्ञानिकों ने देश को आत्मनिर्भर बनाया। वहीं एम्स के ही सर्जन डॉ. अमित गुप्ता ने सड़क हादसों में घायलों को तुरंत चिकित्सीय सहायता पहुंचाने की बात पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित सतेंद्र सिंह लोहिया ने भी शिरकत की और युवाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि शारीरिक बाधाएं कभी भी सफलता के आड़े नहीं आतीं, बशर्ते व्यक्ति में मजबूत आत्मबल और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो।
सम्मान समारोह के साथ हुआ समापन
उत्तर प्रदेश के निदेशक अशोक बाजपेयी ने इस मौके पर कहा कि भिंड के युवाओं का यह जोश देखकर उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलेंगी। कार्यक्रम के अंत में दौड़ में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र बांटे गए।
इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शहर के वरिष्ठ नागरिकों और समाजसेवियों को भी प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने स्थानीय युवाओं में राष्ट्रसेवा और सामाजिक जागरूकता का एक नया संदेश दिया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!