ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक नर्सिंग ऑफिसर की उसके ही प्रेमी ने हत्या कर दी। आरोपी ने वारदात को छिपाने के लिए मृतका के परिजनों को पहले सड़क हादसे की जानकारी दी और बाद में अंतिम संस्कार कर देने की झूठी बात कही।
लिव-इन में रहने के दौरान हुआ विवाद
बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले संजय पांडे ने अपनी बेटी स्नेहलता को भिंड के मणि गिरजा नर्सिंग कॉलेज में एएनएम पाठ्यक्रम में दाखिला दिलाया था। पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात कॉलेज में काम करने वाले सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। मृतका के परिजनों के मुताबिक आरोपी सत्यप्रकाश पहले भी स्नेहलता के साथ उनके पैतृक गांव जा चुका था।
8 अक्टूबर को बंद हो गया था मोबाइल
घटनाक्रम के मुताबिक स्नेहलता ने 8 अक्टूबर को शाम करीब 6 बजे अपने परिवार से आखिरी बार फोन पर बातचीत की थी। इसके ठीक एक घंटे बाद यानी शाम 7 बजे के बाद से उसका मोबाइल फोन लगातार बंद आने लगा। जब दो दिनों तक बेटी से कोई संपर्क नहीं हो सका, तो चिंतित परिजनों ने सत्यप्रकाश से संपर्क साधकर उसके बारे में पूछताछ शुरू की।
परिजनों की पूछताछ पर आरोपी सत्यप्रकाश ने शुरुआत में गोलमोल जवाब दिए। उसने पहले एक्सीडेंट होने की बात कही और जब परिजनों ने स्नेहलता की स्थिति के बारे में कड़ाई से पूछा, तो उसने दावा किया कि हादसे में उसकी मौत हो चुकी है और वह उसका अंतिम संस्कार भी कर चुका है। आरोपी ने यहां तक कह दिया कि उसने अस्थियां चंबल नदी में प्रवाहित कर दी हैं।
पुलिस पूछताछ में खुला सच
बेटी की अचानक मौत और अंतिम संस्कार की खबर सुनकर बिहार से पिता संजय पांडे भिंड पहुंचे और पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इससे पहले शातिर आरोपी खुद कोतवाली थाने पहुंचकर स्नेहलता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा चुका था ताकि पुलिस का शक उस पर न जाए।
हालांकि, जब पुलिस ने आरोपी की संदिग्ध बातों और बयानों की गहराई से पड़ताल की, तो उसकी कहानी में झोल नजर आया। पुलिस के सख्त रुख अपनाने पर सत्यप्रकाश ने जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर स्नेहलता की हत्या की थी।
पंचनद नदी में फेंका गया शव, तलाश जारी
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पंचनद नदी (जहां यमुना, चंबल, सिंध, कुंवारी और पहज नदियों का संगम होता है) में फेंक दिया था। इस इलाके में पानी और मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण शव को ढूंढने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
घटना को बीते कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन की टीमें अभी तक शव बरामद नहीं कर पाई हैं। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सीमा से लगे इस मैदानी व जलीय क्षेत्र में लगातार सर्चिंग की जा रही है। पुलिस इस मामले में अन्य सहयोगियों की संलिप्तता की भी बारीकी से जांच कर रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!