भिंड जिले में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में जिले में औसतन 36 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
मानसून की धीमी चाल और कृषि पर असर
जुलाई का महीना अब समाप्ति की ओर है, लेकिन जिले में अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार बना हुआ है। इस मानसून सीजन में अब तक कुल 254.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 415.3 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी, जिसका अर्थ है कि इस बार 161.2 मिलीमीटर कम वर्षा दर्ज की गई है। कम बारिश का सीधा असर कृषि गतिविधियों पर दिख रहा है।
किसान अभी तक ज्वार, बाजरा, उड़द और तिल जैसी खरीफ फसलों की समय पर बुवाई नहीं कर पाए हैं। यदि जुलाई के शेष दिनों में भी पर्याप्त वर्षा नहीं होती है, तो कई किसानों के लिए खरीफ सीजन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।
जिले में वर्षा की क्षेत्रीय स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग मात्रा में वर्षा हुई है। इस अवधि में रौन क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि मेहगांव में सबसे कम वर्षा हुई है।
अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि अगले दो से तीन दिनों तक जिले में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई स्थानों पर रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। तापमान में भी हल्की गिरावट बनी रहेगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से लगातार राहत मिलती रहेगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!