भिंड जिले में एक बार फिर से लंपी वायरस का गंभीर संक्रमण फैलने लगा है। शहर की सड़कों, गलियों और चौराहों पर आवारा घूम रही गायों में इस जानलेवा बीमारी के साफ लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
घाव और खून रिसने से बेहाल हैं मवेशी
संक्रमित पशुओं के शरीर पर बड़े-बड़े फोड़े उभर आए हैं। इन फोड़ों के फूटने के बाद कई गायों के शरीर से लगातार खून रिस रहा है। तेज बुखार और पैरों में हुए गहरे घावों की वजह से मवेशियों का चलना-फिरना तक दूभर हो गया है।
नवजात बछड़े और नई पीढ़ी के पशु ज्यादा प्रभावित
इस बार के प्रकोप में नवजात गायें और छोटे बछड़े सबसे ज्यादा जद में आ रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, पिछले टीकाकरण अभियान के दौरान पुराने पशुओं को तो टीका लग गया था, लेकिन इसके बाद जन्मी नई पीढ़ी का वैक्सीनेशन नहीं हो पाया था। यही वजह है कि संक्रमण एक से दूसरे पशु में बेहद तेजी से फैल रहा है।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भिंड जिले में कुल डेढ़ लाख से अधिक गायें मौजूद हैं। विभागीय अनुमान जताया जा रहा है कि पिछले एक महीने के भीतर लगभग 10 हजार गायें लंपी वायरस की चपेट में आ चुकी हैं।
विभाग का पक्ष और सर्वे का काम
भले ही स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में बीमार और जख्मी मवेशी नजर आ रहे हों, लेकिन इस भारी संक्रमण की अभी तक प्रशासनिक तौर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस पूरे मामले पर पशुपालन विभाग के उप संचालक अवनीश शर्मा ने जानकारी दी है कि लंपी के प्रसार को लेकर सर्वे का काम जारी है। उनके अनुसार फिलहाल ऐसी कोई बड़ी सूचना प्राप्त नहीं हुई है जिसके आधार पर तत्काल टीकाकरण अभियान शुरू किया जाए, हालांकि सूचना मिलते ही वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!