भिंड के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत संपन्न हुआ।
मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के निर्देशन में हुआ आयोजन
इस शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन प्रो. मोहित कुमार दुबे के मार्गदर्शन में किया गया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील बनाना और समाज में वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को रेखांकित करना था।
बुजुर्गों के अधिकार, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विचार
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वृद्धजनों के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, उनके अधिकारों और सम्मानजनक जीवन जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की। समाज में उनकी प्रासंगिकता को बनाए रखने पर भी बल दिया गया।
प्राचार्य डॉ. सुनील त्रिपाठी के विचार
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील त्रिपाठी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वृद्धजन समाज के सबसे अनुभवी और सम्मानित सदस्य होते हैं। उन्होंने अपने जीवन का बहुमूल्य समय परिवार और राष्ट्र निर्माण में लगाया है।
डॉ. त्रिपाठी ने आगे कहा कि बुजुर्गों के पास ज्ञान और संस्कारों की थाती होती है, जो नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करती है। हर नागरिक का नैतिक दायित्व है कि वह वरिष्ठ नागरिकों के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता का भाव रखे।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि बढ़ती उम्र को गरिमा और सम्मान का प्रतीक बनाया जाना चाहिए, जिससे वृद्धजन खुद को उपेक्षित महसूस न करें।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!