भिंड जिले के आलमपुर थाना अंतर्गत अरूसी गांव में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। यहां 11 केवी मेन लाइन का लगभग 3 हजार मीटर लंबा तार अज्ञात चोरों द्वारा चुरा लिया गया। इस लाइन से जुड़े करीब सौ किसानों के नलकूपों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई, जिससे उन्हें सिंचाई कार्य में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
खंभों से काटकर चुराए गए तार
यह हाईटेंशन लाइन अरूसी सब स्टेशन से अरूसी पंप फीडर के लिए संचालित होती है, जिससे क्षेत्र के लगभग सौ किसानों के पंप चलते हैं। नियमानुसार इस पंप फीडर की बिजली को शिफ्ट के आधार पर नियंत्रित किया जाता है। मंगलवार की रात करीब दस बजे इस फीडर की सप्लाई बंद की गई थी और बुधवार को इसे दोबारा शुरू किया जाना था। इसी बीच चोरों ने मुख्य मार्ग पर स्थित 12 पोल के बीच से 10 अलग-अलग स्थानों पर तार काट लिए।
बुधवार की सुबह जब किसान अपने खेतों पर पहुंचे, तो उन्होंने खंभों से तार गायब पाए। इस चोरी गए तांबे व एल्युमिनियम के तार की कुल कीमत तीन लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। अचानक हुई इस चोरी से किसानों की चिंता बढ़ गई क्योंकि इन दिनों फसलों को पानी की सख्त जरूरत है।
सब स्टेशन पर जड़ा ताला और प्रदर्शन
घटना से आक्रोशित किसानों ने बुधवार सुबह करीब नौ बजे अरूसी सब स्टेशन पर पहुंचकर मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। उन्होंने विरोध स्वरूप सभी फीडरों की बिजली सप्लाई भी बंद करवा दी। किसानों का यह गुस्सा देख बिजली विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक अभियंता (एई) मयंक अरजरिया तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज किसानों को समझाया और जल्द से जल्द नए तार डलवाकर बिजली सप्लाई सुचारू करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के भरोसे के बाद किसानों ने ताला खोला और करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर दो बजे फीडरों की बिजली पुनः चालू की जा सकी।
एक हजार बीघा फसल की सिंचाई प्रभावित
बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लगभग एक हजार बीघा क्षेत्र में खड़ी धान की फसल की सिंचाई का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस क्षेत्र के किसानों में मंगल चौहान, रविंद्र दीक्षित, जगमोहन सिंह, बटाली चौहान, शैलेंद्र सिंह, सोनू कुमार, भूपेंद्र सिंह और नितेन्द्र चौहान सहित अन्य ने बताया कि इस समय बारिश न होने और उमस भरी गर्मी के कारण फसल सूखने के कगार पर है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया गया, तो उनकी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचेगा, जिसके चलते वे आगे और भी उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पिछले तीन महीनों के भीतर इस इलाके में बिजली तार चोरी की तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!