भिंड जिले में एमजेएस कॉलेज के बाहर उपजे विवाद के तूल पकड़ने के बाद पुलिस महकमे ने एक सख्त कदम उठाया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक पदाधिकारी के साथ थाने के भीतर मारपीट किए जाने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे सब इंस्पेक्टर अमित सिकरवार को उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें सिटी कोतवाली से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
कॉलेज परिसर में शुरू हुआ था विवाद
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत शनिवार को हुई थी, जब एमजेएस कॉलेज परिसर में एबीवीपी से जुड़े छात्रों और अन्य छात्र समूहों के बीच किसी बात को लेकर आपसी झड़प हो गई थी। हंगामे की सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली थाने की पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद कुछ छात्रों ने एबीवीपी के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य सुमित दीक्षित पर मारपीट करवाने का आरोप लगाया था। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुमित दीक्षित को पूछताछ के सिलसिले में हिरासत में लिया और सिटी कोतवाली थाने लेकर आई।
थाने के अंदर प्रताड़ना का आरोप
थाने लाए जाने के बाद मामला तब गर्मा गया जब छात्र नेता सुमित दीक्षित ने एसआई अमित सिकरवार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कोतवाली के भीतर ले जाकर एसआई ने उनके साथ मारपीट की। इस बात की भनक लगते ही शहर के तमाम एबीवीपी कार्यकर्ता और छात्र नेता आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में कोतवाली थाने के बाहर एकत्र होने लगे।
गुस्साए कार्यकर्ताओं ने थाने के परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि छात्र नेता के साथ मारपीट करने वाले दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की जाए। यह विरोध प्रदर्शन काफी देर रात तक चलता रहा और कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था।
देर रात पुलिस अधिकारियों ने लिया एक्शन
छात्र संगठन के भारी विरोध और बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने देर रात ही मामले में हस्तक्षेप किया। सिटी कोतवाली थाने के प्रभारी मुकेश शाक्य ने इस बात की पुष्टि की है कि विवाद और आरोपों के मद्देनजर एसआई अमित सिकरवार को कोतवाली से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का यह पक्ष भी सामने आया है कि सुमित दीक्षित को छात्रों के एक वर्ग द्वारा मारपीट की शिकायत दिए जाने के बाद पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। पुलिस ने पहले थाने के भीतर किसी भी तरह की मारपीट के आरोपों से इनकार किया था। अब एसआई को लाइन भेजने के बाद इस पूरे प्रकरण की आगे की जांच की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!