भिंड जिले के लहार उपखंड में एसडीएम महेंद्र सौजन्या को लेकर उपजा प्रशासनिक विवाद अब दो बड़े पेशेवर समूहों के बीच आमने-सामने के टकराव का रूप ले चुका है। एक तरफ जहां पटवारी संघ अधिकारी पर अभद्र आचरण और अपमानित करने का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बार एसोसिएशन खुलकर एसडीएम के समर्थन में उतर आया है।
पटवारियों ने किया था एसडीएम के खिलाफ प्रदर्शन
गत गुरुवार को जिला मुख्यालय पर जिले भर के पटवारी एसडीएम के कथित दुर्व्यवहार के विरोध में एकजुट होकर सड़क पर उतरे थे। पटवारी संघ का मुख्य आरोप था कि लहार एसडीएम अपने दफ्तर में बुलाकर कर्मचारियों के साथ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें नीचा दिखाते हैं। इस संबंध में एक ज्ञापन अपर कलेक्टर को सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने जांच का मन बनाया था।
वकीलों ने किया समर्थन, पटवारियों पर दागे सवाल
पटवारियों के इस कदम के ठीक अगले दिन यानी शुक्रवार को लहार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास बिरथरे कुछ अन्य अधिवक्ताओं के साथ सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वकीलों ने एसडीएम को एक कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार अधिकारी करार देते हुए पटवारियों की कार्यशैली पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि पटवारी धारा 115 के तहत जरूरी जानकारी साझा नहीं करते और अपने निर्धारित हलकों से गायब रहते हैं, जिससे आम किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
निंदा प्रस्ताव और जांच का इंतजार
वकीलों द्वारा एसडीएम को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद पटवारी संघ भी तुरंत हरकत में आ गया और एक तीखा निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया। पटवारियों का दावा है कि वकीलों का यह ज्ञापन पूरी तरह से प्रायोजित था और इसे अधिकारी के इशारे पर निजी हितों के चलते तैयार करवाया गया था। संघ का कहना है कि जिस वक्त कथित अभद्रता हुई थी, उस समय वहां कोई वकील मौजूद नहीं था। अब लहार के इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के बीच चल रहे जुबानी जंग के बाद जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर ही सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!