ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले में पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी को उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यह सजा दोषी के जीवन के अंतिम समय तक भुगतानी होगी।

दो साल चली सुनवाई के बाद आया अदालत का फैसला

यह पूरा मामला भिंड जिले के ऊमरी थाना क्षेत्र का है, जो करीब दो साल पुराना है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने 16 सितंबर 2026 को इस मामले में अपना निर्णय सुनाया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी संदीप खटीक को दोषी पाया गया।

बीहड़ में ले जाकर की गई थी वारदात

अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 10 सितंबर 2024 की है जब पीड़िता अपने घर के पास स्थित बीहड़ की तरफ गई थी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंच गया और उसने नाबालिग के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। विरोध जताने पर आरोपी ने पीड़िता के साथ मारपीट की और उसे जबरन बीहड़ में ले जाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

घटना के तुरंत बाद पीड़िता की शिकायत पर ऊमरी थाने में अपराध क्रमांक 200/2024 दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपनी जांच पूरी की और अदालत में चालान पेश किया, जिसके बाद न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई।

विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजा और जुर्माना

न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 के तहत दोषी मानते हुए शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक यानी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट की धारा 11/12 के तहत एक साल का कठोर कारावास, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) में 6 महीने और धारा 127(2) के अंतर्गत भी 6 महीने के कठोर कारावास की सजा तय की गई है।

अदालत ने सभी धाराओं के तहत कुल 7 हजार रुपए का अर्थदंड भी आरोपी पर लगाया है। इस प्रकरण की पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी एवं विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट हेमलता आर्य द्वारा की गई।