अपर कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग

भिंड जिले के लहार उपखंड में प्रशासनिक अधिकारियों और मैदानी अमले के बीच विवाद गहराता जा रहा है। मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई ने डिप्टी कलेक्टर एवं लहार एसडीएम महेंद्र सौजन्या पर कामकाज की समीक्षा के दौरान अमर्यादित व्यवहार करने तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इस सिलसिले में संघ ने जिला कलेक्टर को संबोधित एक ज्ञापन अपर कलेक्टर एलके पाण्डेय को सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।

महिला पटवारी के गंभीर आरोप, शाम को अकेले चेंबर में बुलाने की बात

मामले में सामने आए एक महिला पटवारी के बयान के मुताबिक, एसडीएम द्वारा सीएम हेल्पलाइन और अन्य कार्यों की समीक्षा सामूहिक रूप से नहीं की जाती है। आरोप है कि शाम साढ़े पांच बजे के बाद पटवारियों को व्यक्तिगत रूप से अपने कक्ष में बुलाया जाता है और उनके साथ असंसदीय भाषा में बातचीत की जाती है। महिला कर्मियों का कहना है कि वे काम और समीक्षा के विरोध में नहीं हैं, बल्कि यह प्रक्रिया सामूहिक होनी चाहिए न कि अकेले चेंबर में।

पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष विनायक तोमर ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आठ सितंबर को बुलाई गई बैठक में दूर-दराज से आए पटवारियों को घंटों इंतजार कराने के बाद बिना सुनवाई के वापस लौटा दिया गया। जब पटवारी मनीष मिश्रा ने इस संबंध में बात करनी चाही, तो उनके साथ भी अनुचित लहजे में बात की गई। संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया सिविल सेवा आचरण नियमों के दायरे में नहीं आया, तो पटवारी कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे।

पूर्व में भी कर्मचारियों के साथ विवादों में रहे हैं अधिकारी

लहार एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रहे महेंद्र सौजन्या का कार्यकाल पहले भी विवादों की सुर्खियों में रहा है। कुछ महीने पहले जब उनके पास सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक का प्रभार था, तब भी वहां के कर्मचारियों ने उन पर मानसिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हुए अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। इसके अलावा जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के पद पर रहते हुए भी उनका कार्यकाली व्यवहार कर्मचारियों के बीच संतोषजनक नहीं माना गया था।

मैंने पटवारी को केवल कार्यालयीन समय में ही बुलाया था और पूरी तरह से मर्यादित भाषा का उपयोग किया है। लहार क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण सबसे अधिक लंबित हैं, और उन्हीं विषयों को लेकर चर्चा की जा रही थी। - महेंद्र सौजन्या, एसडीएम लहार