मध्य प्रदेश के भिंड जिले में आयुष विभाग से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। यहां जिला आयुष अधिकारी डॉ. नीलम कुशवाह पर एक कंपाउंडर ने गंभीर आरोप लगाते हुए वसूली और मानसिक प्रताड़ना का दावा किया है। पीड़ित कर्मचारी ने अपनी जान को खतरा बताया है।
कंपाउंडर ने लगाए गंभीर आरोप और जान का खतरा बताया
विभाग में कार्यरत कंपाउंडर रविंद्र मांझी ने मीडिया के सामने आकर जिला आयुष अधिकारी पर बड़े इल्जाम लगाए हैं। उनका कहना है कि मई और जून के महीनों में डिस्पेंसरी के संचालन और कथित वसूली को लेकर बातचीत हुई थी, जिसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ है। रविंद्र के मुताबिक, उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत भोपाल और ग्वालियर के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई थी, जिसके बाद उन्हें लगातार परेशान किया जाने लगा।
कंपाउंडर ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया था, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर आ गया। इसके अलावा उनका तबादला इंदुर्खी से गोरमी क्षेत्र के सुकांड में कर दिया गया। उनका दावा है कि विरोध करने पर उन्हें जान से खत्म करने की धमकियां मिल रही हैं।
वायरल ऑडियो में 60 हजार रुपये के लेन-देन का जिक्र
सामने आए कथित ऑडियो क्लिप में ट्रांसफर और अन्य विभागीय आदेशों के एवज में 55 हजार और 5 हजार यानी कुल 60 हजार रुपये के लिफाफे की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है। बातचीत में विभागीय कार्यों और डॉक्टरों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होने की बात कही गई है।
जिला आयुष अधिकारी ने आरोपों को नकारा
दूसरी ओर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. नीलम कुशवाह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वायरल हो रहे इस कथित ऑडियो से उनका कोई लेना-देना नहीं है और आवाज भी उनकी नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा कि वे इस कंपाउंडर को व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानती हैं, क्योंकि विभाग में कई कर्मचारी कार्यरत हैं।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना अहम होगा कि उच्च अधिकारी इस कथित ऑडियो और लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर क्या कार्रवाई करते हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!