गोरमी नगर में चल रहे प्रसिद्ध जलविहार महोत्सव के अंतर्गत आरके गार्डन में एक भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शनिवार की देर रात तक चले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रंगार, हास्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कविताओं के कई रंग देखने को मिले।
प्रेम और हास्य की जुगलबंदी से गूंजा सभागार
कवि सम्मेलन के दौरान विभिन्न प्रांतों से आए छह प्रतिष्ठित कवियों ने अपने गीत, गजल और व्यंग्य से श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम में प्रेम रस से सराबोर पंक्तियों को सुनकर जहां श्रोता भावुक हो गए, वहीं पति-पत्नी की नोंकझोंक और सामाजिक विसंगतियों पर किए गए व्यंग्यों ने लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
कैबिनेट मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस साहित्यिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने शिरकत की और कवियों की प्रस्तुतियों की खुलकर सराहना की। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष पुष्पा महेश्वरी जाटव, सीएमओ महेश पुरोहित के साथ-साथ तमाम पार्षद, स्थानीय व्यापारी और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
देशभर से आए कवियों ने बांधा समां
समारोह के दौरान जयपुर से आईं कवयित्री सपना सोनी ने प्रेम की भावनाओं को शब्दों में पिरोकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। देवास के शशिकांत यादव शशि ने पति-पत्नी के रिश्ते पर आधारित हास्य रचना सुनाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया, जिस पर सभागार ठहाकों से गूंज उठा।
इसी क्रम में बेरछा के हास्य कवि दिनेश देसी घी ने हास्य और सामाजिक मुद्दों को अपनी रचनाओं में स्थान दिया। भिंड के सुनील कुमार त्रिपाठी निराला ने 'बाप अनाथालय' कविता के माध्यम से बदलते पारिवारिक रिश्तों पर तीखा व्यंग्य करते हुए लोगों को सोचने पर विवश कर दिया।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए भोपाल के गीतकार धर्मेंद्र सिंह सोलंकी ने बचपन और परिवार से जुड़े गीतों के जरिए भावनात्मक माहौल तैयार किया, जबकि कोटा से पधारे अर्जुन अल्हड़ ने अपने अनोखे व्यंग्यात्मक अंदाज से श्रोताओं को जमकर गुदगुदाया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!