छह दिन पहले पटवारी ने लगाए थे गंभीर आरोप
भिंड जिले के लहार क्षेत्र में प्रशासनिक महकमे में उस وقت हलचल मच गई जब मेहरा बुजुर्ग हल्का में पदस्थ महिला पटवारी प्रियंका जादौन ने एसडीएम पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। यह घटनाक्रम बीते 10 सितंबर का है, जब महिला पटवारी ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया था कि लहार एसडीएम महेंद्र सौजन्या द्वारा कार्य समीक्षा के नाम पर कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद भी दफ्तर में रुकने के लिए दबाव बनाया जाता था। साथ ही उनके साथ अभद्रता किए जाने की बात भी सामने आई थी, जिसके बाद से स्थानीय स्तर पर विरोध के सुर उठने लगे थे।
पटवारी संघ के विरोध प्रदर्शन के बाद हुई कार्रवाई
महिला पटवारी के समर्थन में पटवारी संघ भी खुलकर सामने आ गया था। घटना वाले दिन यानी 10 सितंबर को पटवारी संघ ने इस कृत्य के खिलाफ कड़ा विरोध जताया था। संघ के सदस्यों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट का रुख किया था और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच तथा त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।
ज्ञापन और शिकायतों के आधार पर जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझा और बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए।
कलेक्टर केएल मीना ने बदला प्रभार, डिप्टी कलेक्टर को जिम्मेदारी
विवाद और विरोध के बाद बुधवार को जिला कलेक्टर केएल मीना ने सख्त प्रशासनिक कदम उठाया। कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए लहार एसडीएम महेंद्र सौजन्या को उनके वर्तमान प्रभार से मुक्त कर दिया है।
प्रशासनिक कार्य व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए अब लहार एसडीएम का आगामी प्रभार डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा को सौंपा गया है। प्रशासन इस मामले की आगे की औपचारिकताएं पूरी कर रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!