मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्वामित्व योजना के कार्यों को लेकर पटवारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पटवारियों पर की जा रही सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों के विरोध में जिलेभर के पटवारी बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई वापस लेने की मांग

मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचे कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए देवास में पटवारियों की सेवा समाप्त किए जाने और प्रदेश के अन्य जिलों में की गई दंडात्मक कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई।

व्याहारिक समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप

संघ के जिला अध्यक्ष विनायक सिंह तोमर ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में आ रही विधिक और व्यवहारिक समस्याओं से शासन को पहले ही अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद मैदानी अमले पर जबरन कार्रवाई की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसी तानाशाही रवैये के विरोध में प्रदेशभर के पटवारियों ने ऑनलाइन राजस्व कार्यों से पूरी तरह दूरी बनाने का निर्णय लिया है। संघ के निर्देशानुसार भिंड में भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।

8 अक्टूबर से शुरू होगी कलमबंद हड़ताल

घोषित कार्यक्रम के अनुसार, पटवारी 7 अक्टूबर से ही सभी ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत हो चुके हैं और आधिकारिक शासकीय व्हाट्सएप समूहों से भी बाहर हो गए हैं। इसके अगले चरण में भिंड जिले में 8 अक्टूबर से पूर्ण रूप से कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी गई है।

संघ ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पटवारियों के खिलाफ की गई सभी दंडात्मक कार्रवाइयों को निरस्त नहीं कर दिया जाता। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि किसी भी जिले में ऐसी कार्रवाई दोहराई गई, तो बिना किसी पूर्व सूचना के टोटल शटडाउन और अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।