कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के ऊपर दर्ज किए गए मुकदमे के विरोध में सोमवार की शाम भिंड जिला मुख्यालय पर कांग्रेस जनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और रोष व्यक्त किया गया।

लामबंद होकर लहार रोड चौराहे से पहुंचे कलेक्ट्रेट

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल और शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया 'पिंकी' के संयुक्त नेतृत्व में हुई। तमाम पार्टी कार्यकर्ता तय कार्यक्रम के मुताबिक लहार रोड चौराहे पर इकट्ठा हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च करते हुए पहुंचे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान दिखा तालमेल का अभाव

कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रशासनिक अमले को ज्ञापन देने की प्रक्रिया के दौरान दोनों प्रमुख जिलाध्यक्षों के बीच आपसी समन्वय की कमी साफ तौर पर महसूस की गई। जब ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ज्ञापन का वाचन कर रहे थे, ठीक उसी वक्त शहर जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र भदौरिया ने बीच में ही अपनी बात रखनी शुरू कर दी।

इस घटनाक्रम के चलते कुछ पलों के लिए वहां असमंजस का माहौल बन गया और ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष असहज मुद्रा में दिखाई दिए। हालांकि इसके बाद स्थिति को संभालते हुए दोनों नेताओं ने मिलकर तहसीलदार देवेंद्र सिंह तोमर को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

राजनीतिक प्रतिशोध का लगाया आरोप

प्रदर्शन के मंच से कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष की मुखर आवाज को कुचलने के लिए सुनियोजित तरीके से राहुल गांधी को निशाना बनाया जा रहा है। ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने इसे पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया।

वहीं शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया 'पिंकी' ने भी इस पूरी कार्रवाई को सीधे तौर पर संविधान और लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।