ग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड जिले के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरीक्षा, मेहगांव में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक मनीष सागर पर गाज गिरी है। उन्हें स्कूलों में लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था के विरोध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार भ्रामक सामग्रियां पोस्ट करने के आरोप में सेवा से निलंबित कर दिया गया है।
मृतक शिक्षक के मामले को ई-अटेंडेंस से जोड़ने का आरोप
लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, शिक्षक मनीष सागर ने बीते वर्ष 22 अगस्त को रात 10:12 बजे रीवा जिले के शासकीय प्राथमिक शाला चोटिया/झोटिया के प्राथमिक शिक्षक प्रकाश सिंह के निधन को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट में शिक्षक की मौत का जिम्मेदार मध्यप्रदेश शासन की ई-अटेंडेंस प्रक्रिया को ठहराया गया था।
जांच में सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने इससे पहले अपने एक्स अकाउंट से भी ई-अटेंडेंस के विरोध में कई संदेश प्रसारित किए थे। विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों से शासन और स्कूल शिक्षा विभाग की छवि पर विपरीत असर पड़ा है तथा आमजन एवं अन्य शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।
शिक्षकों को उकसाने और आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला
शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट के माध्यम से मनीष सागर ने अन्य शिक्षकों को नई व्यवस्था के विरुद्ध भड़काने का काम किया है। 15 अगस्त के आसपास भी उनके द्वारा सोशल मीडिया के जरिए अनुचित लाभ कमाने और भ्रामक सूचनाएं फैलाने से जुड़ी बातें आदेश में दर्ज की गई हैं।
विभाग ने शिक्षक के इस कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम (1), (2) और (3) के प्रावधानों के विपरीत मानते हुए इसे गंभीर श्रेणी का कदाचरण करार दिया है।
अटेर विकासखंड में तय किया गया नया मुख्यालय
इस अनुशासनात्मक कार्रवाई को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत अंजाम दिया गया है। निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान शिक्षक मनीष सागर का कार्यक्षेत्र व मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अटेर रहेगा।
शासन के नियमों के अनुसार निलंबन काल में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। शिक्षा विभाग के इस सख्त कदम से मैदानी अमले में डिजिटल अनुशासन को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!