क्या है पूरा मामला

लहार तहसील क्षेत्र के अंतर्गत शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को बिना किसी जमीनी पड़ताल के बंद करने और उच्चाधिकारियों को झूठे तथ्य प्रस्तुत करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

अजीज खान ने दर्ज कराई थी शिकायत

आलमपुर के रहने वाले अजीज खान ने बीते 9 जुलाई 2026 को शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई बाधित होने को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर कार्रवाई का दावा करते हुए 28 जुलाई को लहार के बीआरसीसी अजय झा ने पोर्टल पर अपना पक्ष रखा कि जनशिक्षक द्वारा मामले की जांच कराई जा चुकी है और शिकायत पूरी तरह निराधार है।

जनशिक्षक ने खोली अधिकारियों के दावों की पोल

शिक्षा विभाग के इस दावे के उलट, मैदानी स्तर पर तैनात जनशिक्षक गमलार राजपूत ने इस बात का स्पष्ट खंडन कर दिया। उन्होंने लिखित या मौखिक रूप से यह साफ किया कि उनके द्वारा संबंधित विद्यालय में जाकर ऐसी किसी भी प्रकार की कोई जांच नहीं की गई थी। जनशिक्षक के इस बयान से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत को पोर्टल पर फिर से अपडेट कराया।

बिना सहमति के शिकायत हटाने का आरोप

मामले में नया मोड़ तब आया जब 4 अगस्त को शिक्षा विभाग की तरफ से पोर्टल पर एक बार फिर भ्रामक उत्तर अपलोड किया गया। इसमें कहा गया कि शिकायतकर्ता को पूरी तरह समझा-बुझा दिया गया है और वह अपनी मर्जी से संतुष्ट होकर शिकायत वापस ले रहा है। वहीं, शिकायतकर्ता अजीज खान ने खंडन करते हुए कहा कि ब्लॉक या संकुल स्तर के किसी भी अधिकारी ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया और न ही उनकी कोई सहमति ली गई।

कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

शासन की प्राथमिकता वाली सीएम हेल्पलाइन योजना में इस प्रकार की लापरवाही और फर्जीवाड़े को कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान वाले इस महत्वपूर्ण मंच पर गलत जवाब देना या गुमराह करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।