महाविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया एनएसएस स्थापना दिवस

आलमपुर के शासकीय महाविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का स्थापना दिवस पूरी ऊर्जा और सामाजिक सरोकारों के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने परिसर में पौधे रोपकर ‘हरित वसुधा’ का संकल्प लिया और एक जागरूकता रैली भी निकाली।

वेद मंत्रोच्चार और लक्ष्य गीत के साथ हुई शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ वेद मंत्रोच्चारण के बीच मां सरस्वती की वंदना और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद उपस्थित विद्यार्थियों ने एनएसएस के प्रेरणादायक लक्ष्य गीत ‘हम उठें समाज के लिए, उठें-उठें...’ का सामूहिक गायन किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों और इसके प्रतीक चिह्न के बारे में विस्तार से बताया गया। जानकारी दी गई कि एनएसएस का प्रतीक चिह्न ओडिशा के ऐतिहासिक कोणार्क सूर्य मंदिर के पहिए पर आधारित है।

‘स्वयं से पहले आप’ है सेवा का मूल मंत्र

प्रोफेसर डॉ. विष्णु स्वरूप गोस्वामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने और उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना पैदा करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

कार्यक्रम प्रभारी धर्मवीर भदौरिया ने एनएसएस के मूल मंत्र ‘नॉट मी बट यू’ यानी ‘स्वयं से पहले आप’ का अर्थ समझाते हुए कहा कि हर स्वयंसेवक का मुख्य उद्देश्य समर्पण भाव के साथ समाज की सेवा करना होना चाहिए।

इस आयोजन के दौरान आदित्य दिबौलिया, एनसीसी प्रभारी डॉ. नीरज यादव, अजय शर्मा, डॉ. नीरज भारद्वाज, डॉ. अनूप उदैनिया और डॉ. मनीष पलेरिया सहित महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।