भिंड जिले के असवार थाना इलाके में स्थानीय पुलिस प्रभारी के तबादले के बाद अवैध खनन का कारोबार करने वाले फिर से सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीणों की ओर से मिल रही शिकायतों के अनुसार, जैसे ही थाना प्रभारी के बदले जाने की खबर फैली, वैसे ही रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई।

थाना प्रभारी का हुआ था तबादला

घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब पुलिस महकमे ने हाल ही में कुछ थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया था। इसके तहत असवार थाना प्रभारी सुरेंद्र मिश्रा का ट्रांसफर कर उन्हें गोरमी थाना भेज दिया गया। वहीं, कोतवाली में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर देवीदीन अनुरागी को असवार थाने की कमान सौंपी गई। मंगलवार को पूर्व थाना प्रभारी ने नए अधिकारी को कार्यभार सौंप दिया था।

नया प्रभार संभालने के बाद एसआई देवीदीन अनुरागी ने क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और रावतपुरा पहुंचकर वहां के थाना प्रभारी से भी चर्चा की। इसी बीच स्थानीय लोगों ने उन्हें सूचना दी कि गिरवासा और लिलवारी इलाकों में अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जा रहा है।

एनजीटी के नियमों की हो रही अनदेखी

स्थानीय ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्त रोक के बावजूद इलाके में अवैध खनन और परिवहन का सिलसिला रुक नहीं रहा है। इस गतिविधियों के कारण खेतों में लहलहा रही खरीफ की फसल को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।

ग्रामीणों ने दावा किया कि माफिया ने नदी के किनारे रेत डंप करने के लिए पहले से ही खास जगहें चिन्हित कर रखी हैं। रात के अंधेरे में दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां इस मार्ग से गुजरीं। इस पूरे मामले की जानकारी खनिज विभाग के अधिकारियों को देने के साथ-साथ कुछ तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए गए।

खनिज विभाग ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए खनिज निरीक्षक गौरव साहू ने कहा कि उन्हें रात के समय रेत से भरे वाहनों के निकलने की सूचना प्राप्त हुई है। विभाग की टीम अब इस क्षेत्र में औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई करेगी। यदि अवैध उत्खनन या परिवहन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।