लहार नगर पालिका में प्रशासनिक फेरबदल के तहत नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी ज्योति सुनहरे ने मंगलवार दोपहर को अपना पदभार संभाल लिया है। पूर्व सीएमओ रमाशंकर शर्मा के 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने के बाद से नगर पालिका के कामकाज का अस्थायी प्रभार आरआई अतुल रावत के पास था।

आठ दिन से जारी थी हड़ताल

पदभार ग्रहण करने के फौरन बाद नई सीएमओ ज्योति सुनहरे ने नगर पालिका कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे सफाई और अस्थायी कर्मचारियों से सीधी बातचीत की। कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में हर माह की 5 तारीख तक नियमित वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना, बकाया ईपीएफ की राशि को तुरंत उनके खातों में जमा करना और सप्ताह में कम से कम एक दिन का अवकाश दिया जाना शामिल था।

आश्वासन के बाद काम पर लौटे कर्मचारी

नवागत सीएमओ ने आंदोलनरत कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी न्यायसंगत मांगों की बारीकी से जांच कर उनका समयबद्ध निराकरण किया जाएगा। साथ ही, वेतन भुगतान को प्राथमिकता सूची में रखा जाएगा।

अधिकारियों की ओर से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है और शहर में सफाई व्यवस्था का काम दोबारा से शुरू कर दिया गया है।

स्वच्छता सर्वेक्षण पर रहेगा खास फोकस

सीएमओ ज्योति सुनहरे ने मीडिया से चर्चा में स्वीकार किया कि पिछले आठ दिनों की हड़ताल की वजह से स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था पर काफी असर पड़ा था और गलियों में कचरा जमा हो गया था। इसे शीघ्र ही दुरुस्त कर लिया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में लहार नगर को मध्य प्रदेश राज्य में पहले पायदान पर लाना उनकी कार्यप्रणाली का मुख्य लक्ष्य रहेगा।