भिंड जिले के मेंहगांव क्षेत्र में लगभग 23 महीने पहले घटित हुए एक चर्चित हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। कचनाव तिराहे पर उपजे विवाद के परिणामस्वरुप हुई बदन सिंह की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की है।

फोन पर दी थी विवाद और मारपीट की जानकारी

अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 24 अक्टूबर 2024 की रात लगभग साढ़े नौ बजे की है। आरोपी ब्रजेश सखवार उर्फ फौजदार (23) ने शैलेन्द्र सिंह उर्फ शैलू कंसाना को फोन किया था। बातचीत के दौरान उसने कचनाव तिराहे पर बदन सिंह के साथ मारपीट करने की बात कबूल की थी और यह भी बताया था कि वह उसे सिलोली गांव की तरफ छोड़कर अपनी बाइक भी वहीं छोड़ आया है। इस घटनाक्रम के बाद से बदन सिंह अपने घर नहीं लौट सके थे।

सुबह खाली प्लॉट में मिला था शव

रातभर घर न लौटने के बाद अगली सुबह रामनारायण कौशल के मकान के पास स्थित एक खाली प्लॉट में बदन सिंह का शव बरामद हुआ था। मृतक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे साफ जाहिर होता था कि किसी भारी वस्तु या हथियार से हमला किया गया है। छानबीन के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि घटना की रात लगभग साढ़े आठ बजे मृतक के भतीजे श्यामवीर ने सिलोली गांव के पास ब्रजेश की मोटरसाइकिल पर बदन सिंह को गोरमी की तरफ जाते हुए देखा था।

पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही

परिजनों और फरियादी की शिकायत पर गोरमी थाने की पुलिस ने तत्काल हत्या का मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी थी। पुलिस ने सभी जरूरी साक्ष्य जुटाने के बाद चार्जशीट न्यायालय में पेश की। अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से ठोस सबूत और गवाह पेश किए गए, जिससे मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं।

इस मामले में अपर लोक अभियोजक देवेश शुक्ला ने अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्यों और तर्कों का बारीकी से अध्ययन किया। इसके आधार पर मेंहगांव के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने ब्रजेश सखवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के अंतर्गत हत्या का दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास के साथ पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।