भिंड जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की हालिया समीक्षा बैठक में प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली। कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की और कामकाज में कोताही बरतने वाले मैदानी अमले को आड़े हाथों लिया।

पोर्टल पर गलत आंकड़े दर्ज करना गंभीर लापरवाही

समीक्षा के दौरान टीकाकरण के फर्जी या गलत आंकड़े ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाने का मामला सामने आया। इसे अत्यंत गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की प्रविष्टियां दोबारा पाई गईं, तो संबंधित चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के वास्ते मेडिकल काउंसिल को पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही, जिन क्षेत्रों में टीकाकरण का कवरेज कमजोर पाया गया, वहां तैनात एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

30 साल से अधिक उम्र के लोगों की होगी स्क्रीनिंग

असंचारी रोगों की रोकथाम पर जोर देते हुए बैठक में निर्देश दिए गए कि 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों का पंजीयन और स्वास्थ्य परीक्षण बढ़ाया जाए। इसके लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाने की रूपरेखा तय की गई, जिसमें अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने और एक्स-रे जांच का दायरा भी विस्तृत करने को कहा गया।

बैठक के दौरान वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, शिशु मृत्यु दर नियंत्रण, आयुष्मान कार्ड निर्माण, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की कार्यप्रणाली और एनीमिया प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचकांकों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का हो त्वरित निराकरण

स्वास्थ्य सेवाओं के इतर प्रशासनिक मोर्चे पर भी कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज ऐसी शिकायतें जो 100 दिन से अधिक समय से लंबित पड़ी हैं, उनका तत्काल समाधान किया जाए। अधिकारियों को हिदायत दी गई कि वे शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करें ताकि आम जनता को समय पर राहत मिल सके।

इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), सिविल सर्जन के अलावा तमाम ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कार्यक्रमों से जुड़े प्रमुख प्रबंधक व मोबिलाइजर मौजूद रहे।