भिंड जिले में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। ताजा मामला नेशनल हाईवे-719 का है, जहां सड़क पर बैठी गाय को बचाने के प्रयास में बाइक सवार एक पटवारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

ड्यूटी पर जाते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरानी बस्ती निवासी 34 वर्षीय नवल थपक मेहगांव में पटवारी के पद पर पदस्थ हैं। सोमवार को वे अपनी बाइक से ड्यूटी के सिलसिले में मेहगांव जा रहे थे। जब वे एनएच-719 से गुजर रहे थे, तभी अचानक सड़क पर एक गाय आ गई। गाय को बचाने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और उनकी बाइक फिसल गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

हर 100 मीटर की दूरी पर मवेशियों का डेरा

यह समस्या सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है। शहर के जिला अस्पताल से लेकर सब्जी मंडी रोड, परेड चौराहा, धनमंत्री कॉम्प्लेक्स और अग्रसेन चौराहे तक मुख्य सड़कों पर मवेशियों का कब्जा रहता है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल से अग्रसेन चौराहे के बीच महज 100 मीटर के दायरे में ही 10 से ज्यादा गाय और सांड सड़क पर डेरा जमाए रहते हैं।

सड़क के बीचोंबीच बैठे इन पशुओं के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार मवेशी अचानक वाहन के सामने आ जाते हैं, जिससे अचानक ब्रेक लगाने या बचाने के चक्कर में दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते हैं।

नगर पालिका की अनदेखी से बढ़ रहा खतरा

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शहर के मुख्य मार्गों पर मवेशियों के लगातार बढ़ते जमावड़े को लेकर कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय निवासी सुनील शर्मा ने बताया कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी रोजाना इन्हीं रास्तों से गुजरते हैं, फिर भी सड़कों को आवारा पशुओं से मुक्त कराने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।