ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले के अंतर्गत आने वाले बगुलरी गांव से एक मारपीट का मामला सामने आया है। यहां गंदे पानी की निकासी के लिए बनाए जा रहे नाले को लेकर उपजे विवाद के दौरान 68 वर्षीय बुजुर्ग को निशाना बनाया गया। पीड़ित ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

खेत की तरफ से नाला निकालने पर जताई थी आपत्ति

घटना की जानकारी देते हुए 68 वर्षीय फरियादी रामेश्वर कुशवाह ने पुलिस को बताया कि वह बगुलरी गांव के रहने वाले हैं। उनके बेटे होरीलाल के साथ थाने पहुंचे रामेश्वर ने शिकायत में कहा कि बीती 24 अगस्त की शाम करीब 6 बजे गांव में नाले के निर्माण को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। पुराना नाला उनके खेत की सीमा से होकर निकलता है, जबकि नया नाला गंगाराम कुशवाह के मकान की तरफ से निकाला जा रहा था, जिसका विरोध किया गया था।

विरोध करने पर गालियां देकर जमीन पर पटका

रामेश्वर कुशवाह के अनुसार, जब उन्होंने और उनके परिवार ने नाला निर्माण के तरीके पर आपत्ति जताई तो तुलाराम और गंगाराम की पत्नी माया ने अभद्रता शुरू कर दी। जब बुजुर्ग ने गाली-गलौज करने से मना किया तो आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया। आरोप है कि तुलाराम ने उनके बाएं हाथ पर डंडे से वार किया जिससे वे जमीन पर गिर पड़े।

जमीन पर गिरने के बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और माया तथा तुलाराम ने मिलकर लाठी-डंडों के साथ-साथ लात-घूंसों से भी मारपीट की। इस बीच बीच-बचाव करने आई पीड़ित की पत्नी अनारदेवी और बेटे सेवू ने बमुश्किल बीच-बचाव किया।

जान से मारने की धमकी देकर हुए फरार

मारपीट की इस घटना में बुजुर्ग रामेश्वर के बाएं हाथ की कोहनी और बाएं घुटने में गंभीर चोटें आई हैं। आरोपियों ने जाते-जाते यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में नाला निर्माण कार्य में बाधा डाली गई तो अंजाम बुरा होगा और जान से खत्म कर दिया जाएगा।

घटना के बाद पीड़ित बुजुर्ग अपने बेटे होरीलाल के दिल्ली से लौटने का इंतजार कर रहा था। दिल्ली से लौटने के बाद बेटा अपने पिता को लेकर स्थानीय थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।