भिंड जिले से चोरी हुए एक डंपर का सुराग लगाने के लिए स्थानीय पुलिस को करीब तीन हफ्ते तक कई राज्यों की खाक छाननी पड़ी। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम को लगभग 600 किलोमीटर लंबे सफर में अनगिनत बार रूट बदलना पड़ा, क्योंकि शातिर चोर लगातार रास्ते बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे।
जीपीएस बंद कर और रास्ते बदलकर चकमा देते रहे चोर
वारदात के बाद से ही चोरी किए गए डंपर का जीपीएस बंद कर दिया गया था, जिससे वाहन की लाइव लोकेशन मिलना पूरी तरह बंद हो गया था। ऐसे में पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज ही एकमात्र सहारा बचे। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि चोरों ने टोल प्लाजा और मुख्य मार्गों से बचने के लिए कच्चे रास्तों का इस्तेमाल किया और कभी-कभार तो वे आगे जाकर उसी रास्ते पर वापस भी लौट आए।
25 अगस्त को शास्त्री कॉलोनी के पास से हुई थी वारदात
यह पूरी घटना 25 अगस्त की है जब शहर की शास्त्री कॉलोनी के समीप स्थित सीता नगर बायपास से डंपर क्रमांक RJ 11 JC 9454 चोरी हुआ था। सुबह होते ही जब ट्रक मालिक को घटना की जानकारी मिली तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शुरुआती जांच में पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो एक संदिग्ध काली कार इलाके में घूमती हुई नजर आई।
पुलिस की शुरुआती छानबीन में यह बात स्पष्ट हुई कि इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी राजस्थान के नूंह-मेवात क्षेत्र से ताल्लुक रखते थे। इन बदमाशों ने पहले भिंड और ग्वालियर क्षेत्र के हाईवे किनारे खड़े भारी वाहनों की रैकी की और फिर मौका मिलते ही इस डंपर को चुराकर फरार हो गए।
धौलपुर में 16 घंटे छिपाया गया वाहन
जांच में आगे यह भी खुलासा हुआ कि चोरी के तुरंत बाद डंपर को धौलपुर जिले में करीब 16 घंटे तक सुरक्षित ठिकाने पर छिपाकर रखा गया था। आगे का सफर तय करने से पहले वाहन के हुलिए में भी कुछ बदलाव किए गए ताकि उसकी पहचान आसानी से न हो सके। हालांकि, पुलिस ने हार नहीं मानी और लगभग 800 सीसीटीवी कैमरों की कड़ियां आपस में जोड़ते हुए चोरों के पूरे रूट का नक्शा तैयार किया।
इस जटिल और लंबी जांच के दौरान पुलिस टीम ने राजस्थान से लेकर मेवात तक डेरा डाला और लगभग 150 से अधिक संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। आखिरकार कड़े संघर्ष और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस इस अंतरराज्यीय चोर गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने में कामयाब रही।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!