भिंड जिले के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को इस शैक्षणिक सत्र के चार महीने गुजर जाने के बावजूद अब तक स्कूल ड्रेस नसीब नहीं हो पाई है। पहले शासन स्तर पर बच्चों को सिली हुई यूनीफाम उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया विवादों में उलझ गई। इसके बाद व्यवस्था में बदलाव करते हुए निर्णय लिया गया कि बच्चों के बैंक खातों में ड्रेस के लिए 600-600 रुपये की राशि भेजी जाएगी, लेकिन यह राशि भी अब तक छात्रों तक नहीं पहुंच सकी है।

एक लाख से अधिक बच्चों को मिलना है लाभ

जिलेभर में लगभग 1 लाख 81 हजार विद्यार्थियों को ड्रेस के एवज में 600 रुपये की सहायता राशि दी जानी है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जानी है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जिले के सभी छह ब्लॉकों में विद्यार्थियों के डेटा का सत्यापन कार्य तेजी से कराया जा रहा है, जिसके तहत अब तक कुल 1,16,692 विद्यार्थियों का वेरिफिकेशन पूरा किया जा चुका है।

सत्यापन कार्य में रौन ब्लॉक सबसे पीछे

विभिन्न ब्लॉकों में चल रहे सत्यापन कार्य की स्थिति पर नजर डालें तो रौन ब्लॉक इस मामले में सबसे पीछे चल रहा है, जहां 10,873 छात्रों में से केवल 85 फीसदी का ही सत्यापन हो पाया है। इसके मुकाबले अन्य ब्लॉकों की स्थिति बेहतर है, जिसमें भिंड ब्लॉक में 23,084 में से 90 प्रतिशत, अटेर में 16,966 में से 97 प्रतिशत, लहार में 17,811 में से 97 प्रतिशत, गोहद में 20,872 में से 97 प्रतिशत और मेहगांव में 24,216 विद्यार्थियों में से 93 प्रतिशत का सत्यापन कार्य पूरा किया जा चुका है।

बैंक खातों के अपटेड न होने से आ रही दिक्कत

ड्रेस की राशि वितरण में सबसे बड़ी बाधा विद्यार्थियों के बैंक खातों का अपडेट न होना है। जिले में करीब 3 हजार विद्यार्थियों के बैंक खाते या तो अपडेट नहीं हैं या उनमें तकनीकी समस्याएं बनी हुई हैं। इनमें अकेले भिंड के 1,182, रौन के 443, मेहगांव के 424, लहार के 345, गोहद के 317 और अटेर के 272 विद्यार्थियों के बैंक खाते शामिल हैं, जिन्हें सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।

ड्रेस के लिए राशि वितरण की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। छात्रों के वेरिफिकेशन और बैंक खातों की जानकारी व्यवस्थित करने का काम जारी है। - शिवब्रह्म सिंह जादौन, डीपीसी, जिला शिक्षा केंद्र