बारिश के बाद कीचड़ और दलदल में बदला रास्ता
गोहद इलाके के सुज्जे का पुरा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने का लगभग 500 मीटर का मार्ग इन दिनों बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया है। बारिश के मौसम के बाद इस पूरे रास्ते पर भारी कीचड़ जमा हो गया है, जिससे यह मार्ग पूरी तरह दलदल का रूप ले चुका है। इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरकर छोटे-छोटे बच्चे रोजाना अपनी पढ़ाई के लिए विद्यालय पहुंचते हैं।
अभिभावकों को सताती रहती है बच्चों की सुरक्षा की चिंता
खराब और फिसलन भरे रास्ते के कारण बच्चों का पैदल निकलना दूभर हो गया है। कई बार बच्चे कीचड़ में फिसलकर गिर भी जाते हैं, जिससे उनके चोटिल होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय अभिभावकों ने बताया कि जब वे अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं, तो उनके मन में लगातार यही डर रहता है कि कहीं फिसलन की वजह से वे रास्ते में गिरकर घायल न हो जाएं।
यह प्रमुख मार्ग पडराईपुरा मुख्य मार्ग से राजबहादुरपुरा होते हुए सुज्जे का पुरा तक जाता है। इस इलाके के निवासियों के पास आवागमन के लिए कोई अन्य दूसरा सुविधाजनक विकल्प नहीं है, जिसके चलते इस जर्जर और कीचड़युक्त रास्ते से गुजरना उनकी मजबूरी बन गया है।
ग्रामीणों और वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किलें
यह रास्ता केवल स्कूली बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सुज्जे का पुरा गांव के निवासियों के लिए मुख्य आवागमन मार्ग है। सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। कीचड़ और दलदल के कारण न सिर्फ पैदल चलने वालों को, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों को भी यहां से निकलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मार्ग पर सबसे ज्यादा दिक्कतें बुजुर्गों और छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही हैं। परेशान ग्रामीणों ने संबंधित विभागों और ग्राम पंचायत से पुरजोर मांग की है कि इस 500 मीटर लंबे रास्ते पर जल्द से जल्द मुरम या गिट्टी डलवाई जाए, ताकि मार्ग को आवागमन के लायक सुगम बनाया जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!