भिंड जिले में रातों-रात अमीर बनने की चाह और रोजाना चार प्रतिशत मुनाफे के झांसे में आकर सैकड़ों लोग ठगी का शिकार हो गए हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर सक्रिय 'ऑरोराएक्स' (AuroraEx) नामक फर्जी प्लेटफॉर्म पर जिले के एक हजार से ज्यादा निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई लगा दी है।
विड्रॉल बंद होने से निवेशकों की बढ़ी धड़कनें
इस अवैध ट्रेडिंग नेटवर्क में पिछले कुछ दिनों से संकट गहरा गया है। प्लेटफॉर्म पर बीते 13 अक्टूबर से निवेशकों के पैसों का विड्रॉल यानी निकासी पूरी तरह बंद कर दी गई है। इसके चलते निवेशकों की नींद उड़ गई है। कंपनी का प्रबंधन अब मेंटेनेंस का बहाना बना रहा है और 22 अक्टूबर से दोबारा भुगतान शुरू होने का झूठा दावा कर रहा है।
इस तरह फैलाया गया जाल
पड़ताल में सामने आया है कि 'ऑरोराएक्स' कोई वैध ऐप नहीं है। यह गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, बल्कि इसे सीधे एक संदिग्ध वेबसाइट के जरिए डाउनलोड कराया जाता है। निवेशकों से मोबाइल नंबर, पहचान पत्र और पैन कार्ड लेकर उनकी आईडी बनाई जाती थी। इसके बाद बाइनेंस ऐप के माध्यम से भारतीय रुपए को डॉलर में बदलकर निवेश कराया जाता था।
ठगी करने वालों ने व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए लोगों को 40 दिन में पैसा दोगुना करने का लालच दिया। इसके अलावा एआई ऑटो ट्रेडिंग और आठ प्रतिशत कमीशन वाले चेन सिस्टम का प्रलोभन देकर तेजी से नए लोगों को इस जाल में फंसाया गया। इसी तरह का पैटर्न झारखंड के दुमका जिले में भी अपनाया गया था, जहां चार हजार से अधिक लोगों के साथ ठगी हो चुकी है।
पुलिस प्रशासन की चेतावनी
यह मामला हमारे संज्ञान में है, जिसके चलते जन-जागरूकता के लिए वीडियो भी जारी किए गए हैं। फिलहाल हमारे पास कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है। यदि पीड़ित थाने आकर शिकायत दर्ज कराते हैं, तो तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - सूरज वर्मा, पुलिस अधीक्षक (एसपी), भिंड






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!