स्थानीय सत्र न्यायालय ने चर्चित सुनील बघेल हत्याकांड का फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है और उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।

प्रेम प्रसंग के चलते रची गई थी खौफनाक साजिश

यह पूरा मामला बरोही थाना क्षेत्र का है। लावन गांव के रहने वाले प्रदीप जाटव, दशरथ शाक्य और सूरज नरवरिया को अदालत ने हत्या और साक्ष्य छिपाने के अपराध में दोषी माना है। पुलिस जांच में सामने आया था कि मुख्य आरोपी प्रदीप के एक महिला से संबंध थे और उसी महिला से सुनील बघेल के भी संपर्क हो गए थे, जिसके बाद से रंजिश चली आ रही थी।

शराब पार्टी के बहाने बुलाकर किया था हमला

घटना 17 अप्रैल 2024 की है। योजना के तहत आरोपियों ने सुनील को शराब पीने के लिए लावन गांव के पास बुलाया और एक खाली प्लॉट में ले गए। वहां आरोपियों ने पहले सिर पर डंडे से प्रहार किया और फिर साफी से गला घोंटकर उसकी जान ले ली।

क्रूरता की हदें पार करते हुए हत्यारों ने मृतक के शव को मोटरसाइकिल से बांध दिया और उसे करीब चार किलोमीटर तक सड़क पर घसीटते हुए ले गए। इसके बाद पहचान मिटाने के इरादे से शव को पिरोड़ा गांव के हार स्थित एक कुएं में फेंक दिया।

पुख्ता सबूत और गवाहों के आधार पर मिला न्याय

घटना के बाद मृतक के परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर सुनील की मोटरसाइकिल, उसका मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त डंडा बरामद कर लिया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 15 गवाह पेश किए गए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और उन्हें तुरंत जेल भेज दिया गया।