भिंड जिले के आलमपुर इलाके में पुलिस ने स्थानीय किसानों को बेचने के लिए ले जाई जा रही एनपीके खाद की एक खेप पकड़ी है। गश्त के दौरान पुलिस ने गैथरी माता के पास से एक बोलेरो पिकअप को रोका, जिसमें संदिग्ध खाद की 100 बोरियां लदी हुई थीं।

वाहन चालक नहीं दिखा सका वैध दस्तावेज

जब पुलिस ने पिकअप चालक से खाद के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी कागजात पेश करने में असमर्थ रहा। पूछताछ के दौरान चालक ने खुलासा किया कि यह खाद गांव-गांव घूमकर किसानों को बेची जानी थी और इसके पीछे डबरा के रहने वाले रिंकू शर्मा तथा निशांत अग्रवाल का नाम सामने आया।

दतिया और डबरा तक फैली जांच की आंच

आलमपुर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी और कड़ियों को जोड़ने पर इस अवैध कारोबार के तार दूसरे जिलों से भी जुड़ गए। भिंड पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए गोराघाट क्षेत्र में 3,000 बोरी और डबरा में 600 बोरी खाद और जब्त की गई है।

पकड़ी गई बोरियों पर प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना के तहत भारत एनपीके अंकित पाया गया है। हालांकि, आलमपुर में मिली खाद और अन्य ठिकानों से बरामद बोरियों के बीच क्या आपसी संबंध है, इसकी पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। इसके अलावा खाद की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट आना भी अभी बाकी है।

सप्लायरों और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी

पुलिस ने वाहन और खाद को अपने कब्जे में ले लिया है। इस बात की गहराई से छानबीन की जा रही है कि यह खाद मूल रूप से कहां से लाई गई थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में एक पूर्व नेता के करीबी की संलिप्तता की चर्चा भी स्थानीय स्तर पर है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की पुष्टि जांच के तथ्यों के आधार पर ही की जाएगी।