नौकरी की अनिश्चितता को लेकर फूटा गुस्सा

भिंड जिले में पिछले करीब 18 वर्षों से शासकीय विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा और स्थायित्व को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाई।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन के अधिकारी एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या को सौंपा। शिक्षकों का कहना था कि इतने लंबे समय से सेवा देने के बावजूद हर नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में उनके भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है।

हरियाणा मॉडल लागू करने और मानदेय बढ़ाने की मांग

अतिथि शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि हरियाणा राज्य की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी अतिथि शिक्षकों के लिए 12 महीने का सेवाकाल सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्हें 62 वर्ष की आयु तक के लिए सेवा सुरक्षा और स्थायित्व का लाभ दिया जाए, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

शिक्षकों ने यह भी मांग उठाई कि पूर्व में जो शिक्षक काम कर रहे थे और वर्तमान में जो सेवा से बाहर हो चुके हैं, उन्हें उनके अनुभव को प्राथमिकता देते हुए दोबारा कार्य पर लौटने का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए।

समय पर मानदेय और अवकाश की मांग

ज्ञापन के माध्यम से यह भी याद दिलाया गया कि शिक्षा मंत्री की घोषणा के अनुसार 13 आकस्मिक अवकाश के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए जाएं। इसके अलावा, मानदेय राशि को दोगुना करने और हर महीने की आगामी 5 तारीख तक मानदेय का भुगतान खातों में सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई।

भोपाल में आंदोलन की चेतावनी

अतिथि शिक्षकों ने राज्य सरकार को उनकी मांगों पर उचित निर्णय लेने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। संगठन की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय अवधि के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकाला गया, तो राजधानी भोपाल में व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा तथा आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ के तमाम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।