अशोकनगर जिले की चंदेरी तहसील के अंतर्गत आने वाले विश्व प्रसिद्ध क्राफ्ट विलेज प्राणपुर में इन दिनों स्थानीय लोग सड़क निर्माण कार्य से उपजी समस्याओं से जूझ रहे हैं। देहरदा-राजघाट रोड पर चल रहे इस निर्माण कार्य में ठेकेदार पर मनमानी और लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां न केवल घटिया स्तर की सड़क बनाई जा रही है, बल्कि नालियां भी टेढ़ी-मेढ़ी तैयार की जा रही हैं।
अधूरा काम छोड़कर भागे ठेकेदार के खिलाफ गुस्सा
गांव में निर्माण कार्य को बीच में ही अधूरा छोड़कर ठेकेदार द्वारा अन्य स्थान पर काम शुरू किए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्राणपुर में अविलंब उच्च गुणवत्ता वाली सीसी सड़क का निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो वे मजबूरन उग्र आंदोलन करेंगे और मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा।
इस लापरवाही का सबसे बुरा असर पीएम श्री हाई स्कूल प्राणपुर के नजदीक महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैंडलूम कैफे पर पड़ा है। कैफे समूह की अध्यक्ष दीक्षा राजा बुंदेला ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि निर्माण के बाद से उड़ रही धूल के कारण कैफे का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है।
पर्यटकों के न आने से हैंडलूम कैफे पर छाई कंगाली
कैफे संचालिकाओं के अनुसार, स्थिति यह हो गई है कि अब दैनिक मजदूरी निकल पाना भी मुश्किल हो गया है। महिलाएं सुबह कैफे खोलकर बैठती हैं और शाम को बिना किसी आमदनी के खाली हाथ घर लौटती हैं। हर तरफ धूल की परत जम जाने के कारण देशी और विदेशी पर्यटक वहां रुकने से कतरा रहे हैं, जिससे उनके सामने भुखमरी जैसे हालात पैदा हो गए हैं और अंततः कैफे को बंद करना पड़ा है।
चंदेरी की शान माने जाने वाले पारंपरिक बुनकर भी इस समस्या से अछute नहीं हैं। स्थानीय बुनकर रणधीर कोली और राधेलाल कोली का कहना है कि निर्माण स्थल से उड़कर आने वाली धूल सीधे उनकी दुकानों और करघों पर बैठ रही है। कीमती साड़ियों पर धूल जमने से बुनाई का काम बाधित हो रहा है और ग्राहक भी दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
घरों में जमी धूल और बढ़ रही बीमारियां
सड़क किनारे रहने वाले परिवारों का जीवन नर्क बन गया है। रहवासी कोमल रैकवार और लता कोली ने बताया कि घरों में दिन में तीन से चार बार सफाई करने के बावजूद धूल की मोटी परत जम जाती है। हालात इतने खराब हैं कि लोग घरों के भीतर ठीक से खाना तक नहीं बना पा रहे हैं। इस बेतहाशा उड़ती धूल के कारण बच्चे और बुजुर्ग आंखों में जलन के साथ-साथ सांस से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एमपीआरडीसी अशोकनगर के प्रबंधक दीपक नामदेव ने आश्वासन दिया है कि प्राणपुर में बन रही नालियों की क्योरिंग यानी तराई कराई जाएगी। साथ ही, जहां सीसी रोड का निर्माण चल रहा है और धूल उड़ने से परेशानी हो रही है, वहां भी पानी का छिड़काव करवाकर धूल की समस्या का समाधान किया जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!