लखनऊ से दबोचा गया मुख्य आरोपी

अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में फर्जी आईएएस अधिकारी का रसूख दिखाकर लोगों को रोजगार दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त एक अन्य आरोपी प्रखर उर्फ सानू सिंह (27) को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से उसके घर से गिरफ्तार किया है।

फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजने वाला मोबाइल जब्त

कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने भोपाल के एमपी नगर इलाके से वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल पीड़ित जयकुमार कोली को व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजने के लिए किया गया था। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मामले की सह-आरोपी तृप्ति सिंह ने इसी उपकरण का प्रयोग किया था।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस पूरे धोखाधड़ी प्रकरण में कुल नौ लाख अस्सी हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया था। एसपी राजीव कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रशांत यादव की टीम ने इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया है। पूछताछ के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया जा रहा है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी और पुलिस की अपील

जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी द्वारा डिलीट किए गए डिजिटल डाटा और चैट को लेकर तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए हैं। इस प्रकरण में धारा 238 बीएनएस भी बढ़ाई गई है। वहीं, इस आपराधिक षड्यंत्र में शामिल अन्य साथियों तनुज वैश्य और अंजली सिंह की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

स्थानीय पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को आगाह किया है कि नौकरी लगवाने के नाम पर खुद को उच्च पदस्थ अधिकारी बताने वाले ठगों के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की सूचना तुरंत समीप े पुलिस थाने को दें।