अशोकनगर जिले में फर्जी बीज लाइसेंस बनाने और उनके नवीनीकरण के जरिए अवैध रूप से आर्थिक मुनाफा कमाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को धर दबोचा है।
उज्जैन के जेथल गांव से हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी साझा करते हुए बताया कि फर्जीवाड़े के इस प्रकरण में वांछित चल रहे आरोपी गजेंद्र सिंह राजपूत को उज्जैन जिले के जेथल गांव से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा और अशोकनगर लेकर आई।
क्या है पूरा मामला
इस कानूनी कार्रवाई की शुरुआत 16 जनवरी 2024 को हुई थी, जब बीज प्रमाणीकरण अधिकारी वीएन त्रिपाठी ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर गजेंद्र सिंह राजपूत और विमलेश सिंह राजपूत के खिलाफ फर्जी लाइसेंस तैयार करने के गंभीर आरोप में प्रकरण दर्ज किया गया था।
शुरुआत में दोनों आरोपियों को देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। हालांकि, शर्त के मुताबिक उन्हें पुलिस जांच में पूरा सहयोग करना था, लेकिन उनके असहयोगात्मक रवैये के चलते पुलिस ने अदालत से उनकी जमानत निरस्त करवा दी। जमानत रद्द होते ही दोनों आरोपी पुलिस पकड़ से बचने के लिए फरार हो गए थे।
दूसरे आरोपी की तलाश जारी
अब कोतवाली पुलिस गिरफ्तार किए गए गजेंद्र सिंह राजपूत को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस पूछताछ के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल की गई विभिन्न मुहरों (सीलों) और अन्य कागजातों की जब्ती का प्रयास करेगी। वहीं, इस पूरे षड्यंत्र में शामिल दूसरे आरोपी विमलेश सिंह राजपूत की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!