बायपास निर्माण का उद्देश्य हुआ विफल
चंदेरी शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए बायपास का निर्माण कराया गया था, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। हालांकि, मैदानी हकीकत इससे काफी अलग नजर आ रही है। बायपास के शुरू होने के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही शहर के मुख्य मार्गों से बदस्तूर जारी है।
इस स्थिति के चलते शहरवासियों, पैदल चलने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के बेरोकटोक प्रवेश से हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
अतिक्रमण और संकरे रास्तों से बढ़ी समस्या
शहर के मुख्य बाजारों की सड़कें पहले से ही अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही हैं। सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े रहने वाले हाथ ठेले, चाय-नाश्ते की दुकानें और फल-सब्जी विक्रेताओं के कारण सड़कों का प्रभावी क्षेत्रफल काफी कम हो चुका है।
जब इन संकरे रास्तों से दिन के समय बड़े और भारी वाहन गुजरते हैं, तो स्थिति पूरी तरह बिगड़ जाती है और सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है।
प्रमुख चौराहों पर बार-बार थमता है यातायात
भारी वाहनों और अतिक्रमण के इस मेल से शहर के कई व्यस्त इलाकों और प्रमुख चौराहों पर दिनभर में कई बार जाम के हालात बन जाते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बादल महल के सामने, निजामुद्दीन चौराहा, दिल्ली दरवाजा चौराहा तथा हजरत शाह विलायत दरगाह के आसपास का क्षेत्र जाम से सबसे ज्यादा प्रभावित है। इन जगहों पर वाहनों का निकलना दूभर हो गया है और लोगों का कीमती समय जाम में बर्बाद हो रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!