मुंगावली में किसानों का फूटा गुस्सा

अशोकनगर जिले के मुंगावली कस्बे में कृषि कार्यों से जुड़ी बुनियादी समस्याओं को लेकर गुरुवार को राजनीतिक पारा चढ़ गया। खाद की किल्लत और अघोषित बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाला। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण इलाकों से आए किसान इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

मंदिर परिसर से निकाली गई विरोध रैली

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत मुंगावली के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर से हुई। यहां एकत्रित होने के बाद कार्यकर्ताओं और किसानों ने एक पैदल मार्च निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए तहसील कार्यालय पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि इस समय किसानों को खेती के लिए खाद की सख्त जरूरत है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने से उनकी फसलें पिछड़ रही हैं। इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने अन्नदाताओं की मुश्किलें और अधिक बढ़ा दी हैं।

बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाए और बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाया जाए ताकि किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए संघर्ष न करना पड़े।

इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की है। अब यह देखना अहम होगा कि स्थानीय प्रशासन किसानों की इन मांगों पर क्या और कितनी जल्दी कदम उठाता है।