अशोकनगर जिले की कृषि उपज मंडी में भूखंडों के आवंटन और दस्तावेजों के रखरखाव में बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। सोमवार को जिला कलेक्टर साकेत मालवीय ने मंडी परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कामकाज और रिकॉर्ड की फाइलों की गहनता से पड़ताल की, जिसमें कई तरह की खामियां उजागर हुईं।
लेखापालों को थमाए जाएंगे कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने वर्ष 2020 से लेकर अब तक कृषि उपज मंडी में अपनी सेवाएं दे चुके सभी लेखापालों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन यह तय कर रहा है कि इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
बारीकी से पड़ताल के लिए विशेष जांच टीम गठित
भूखंड आवंटन से जुड़े तमाम प्रकरणों और दस्तावेजों की पारदर्शी और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए एक अलग से जांच टीम का गठन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह विशेष दल मंडी के पुराने रिकॉर्ड को खंगालेगा और आवंटन प्रक्रिया की हर एक कड़ी की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उसमें संलिप्त पाए जाने वाले दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अनियमितताओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तौल कांटों और किसान सुविधाओं का भी लिया जायजा
मंडी के औचक दौरे के दौरान कलेक्टर साकेत मालवीय ने केवल भूखंडों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने परिसर में स्थापित तौल कांटों की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने किसानों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया और किसान भोजनालय की व्यवस्थाओं की भी प्रत्यक्ष रूप से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!