अशोकनगर जिले में आगामी चुनावों से ठीक पहले नगरीय निकायों की सीमाओं में विस्तार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बढ़ते शहरीकरण और शहरों के करीब विकसित हो रही ग्रामीण बस्तियों को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर यह निर्णय लिया गया है।

31 अक्टूबर तक भेजना होगा पूरा प्रस्ताव

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव बीएस जामोद ने सभी जिलों के कलेक्टरों को आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत नगरीय सीमाओं को बढ़ाने, घटाने या नए निकाय के गठन से जुड़े प्रस्ताव सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ 31 अक्टूबर 2026 तक आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

जिले में संचालित हैं कुल छह निकाय

वर्तमान में अशोकनगर जिले के अंतर्गत कुल छह नगरीय निकाय आते हैं। इनमें अशोकनगर और चंदेरी नगर पालिका के अलावा ईसागढ़, मुंगावली, शाढ़ौरा और पिपरई नगर परिषद शामिल हैं। चुनावों से पहले इन सभी निकायों के भौगोलिक विस्तार की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

जिला स्तर पर तैयार होने वाले इन प्रस्तावों में उन गांवों और बस्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो नगर सीमा से लगे हुए हैं और जिनका बाजार, रोजगार तथा दैनिक गतिविधियों के लिए शहर से सीधा जुड़ाव है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किन-किन गांवों को इस दायरे में लाया जाएगा।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

नगरीय निकायों में आसपास के गांवों को शामिल करने को लेकर कल ही शासन की ओर से पत्र आया है। चूंकि शहर के आसपास और नगरीय सीमा से बाहर भी शहर का विस्तार हो चुका है। इसलिए सीमा बढ़ाना जरूरी है। कलेक्टर द्वारा इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। नगर पालिका की ओर से इस पर चर्चा की जाएगी। हमारी ओर से भी सुझाव दिए जाएंगे। - नीरज मनोरिया, अध्यक्ष नगर पालिका अशोकनगर

प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया पूरी होने और अंतिम सीमा तय होने के बाद ही वार्डों की संख्या, उनका सीमांकन और आरक्षण तय करने की आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।