सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत पर फूटा गुस्सा

अशोकनगर जिले के शासकीय विद्यालयों में व्याप्त बुनियादी समस्याओं और जर्जर भवनों के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। डीईओ कार्यालय के समक्ष हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने किया, जहां कार्यकर्ता मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए।

बुनियादी सुविधाओं के अभाव और अधिकारियों पर गंभीर आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जिले के तमाम सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं, जिससे मासूम बच्चों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। स्कूलों में ब्लैक बोर्ड, स्वच्छ पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए शौचालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी टोटा है। प्रदर्शन के दौरान तीखी बहस और झड़प का माहौल भी देखने को मिला।

कार्यालय के गेट पर बैठे युवा कांग्रेस नेता अभिषेक परमार ने प्रशासनिक अधिकारियों पर सत्तारूढ़ दल के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि अधिकारी राजनीतिक दबाव के तहत कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें सरकारी नौकरी छोड़कर सीधे तौर पर भाजपा के लिए काम करना चाहिए।

सात दिन का अल्टीमेटम और एफआईआर की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने मांग उठाई कि जर्जर स्कूलों की मरम्मत जल्द कराई जाए और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था की सुध लेनी चाहिए और स्कूलों को आवश्यक संसाधन मुहैया कराने चाहिए।

प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से सात दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार लाने का लिखित आश्वासन मांगा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में हालात नहीं सुधारे गए, तो अशोकनगर जिले में उग्र आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।