अशोकनगर जिले में स्थित जिला अस्पताल में एक दिन की नवजात बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने मंगलवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि मासूम की जान किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी मां ने ही ली थी।
कंबल से दबाया गया था गला
पुलिस के मुताबिक, चंदेरी क्षेत्र के सकर्रा गांव की रहने वाली भावना पत्नी केदार विश्वकर्मा ने अस्पताल में ही अपनी नवजात बच्ची का कंबल से गला घोंट दिया था। महिला ने करीब दो से तीन मिनट तक गला दबाए रखा, जिससे उसकी सांसें थम गईं। घटना के वक्त उसकी सास पास ही सो रही थी।
बेटे की थी उम्मीद, दो बेटियों की चिंता
कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उसकी पहले से ही करीब दो साल की एक बेटी है। इस बार उसे बेटे की उम्मीद थी, लेकिन दूसरी बार भी बेटी पैदा होने से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थी। उसे दो बच्चियों के पालन-पोषण और भविष्य की चिंता सता रही थी, साथ ही परिवार की तरफ से ताने मिलने का भी डर था।
वारदात के करीब आधे घंटे बाद जब नवजात के मुंह से खून निकलने लगा, तब महिला ने अपनी सास को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजन बच्ची को लेकर तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नवजात की मौत गला दबाए जाने के कारण दम घुटने से होने की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने माता-पिता, दादी और अन्य परिजनों से पूछताछ शुरू की।
चंदेरी के सकर्रा गांव की भावना ने शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 11 बजे जिला अस्पताल में इस बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के बाद उसे पीएनसी वार्ड से एसएनसीयू में शिफ्ट किया गया था, जहां शनिवार को इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले थे और सभी साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश कर दिया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!