रात के सन्नाटे में हुआ बड़ा हादसा

मुंगावली-चंदेरी रोड बायपास पर गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब तीन बजे एक मर्माहत कर देने वाली दुर्घटना सामने आई। ग्राम डुंगासरा से अपने मायके मुंगावली पहुंची तीस वर्षीय पूजा पत्नी विजय केवट आठ माह की गर्भवती थीं। वह नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के सिलसिले में मायके आई हुई थी और गुरुवार को ही उसने अस्पताल जाकर अपनी जांच भी कराई थी।

छप्पर के नीचे दबने से गई जान

चम्पा बाई के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके चलते परिवार पीछे बने कच्चे कमरे में शरण लिए हुए था। रात के वक्त पूजा अपने तीन साल के बेटे राम और अपनी बुआ के साथ इसी कमरे में नींद में थी, तभी अचानक भारी-भरकम छप्पर भरभराकर पूजा के ऊपर आ गिरा। सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगने से वह बुरी तरह जख्मी हो गई।

अंतिम शब्द बने 'मुझे बचा लो'

हादसे के वक्त पास ही सो रहा तीन वर्षीय मासूम राम पूरी तरह सुरक्षित बच गया और उसे खरोंच तक नहीं आई, हालांकि तेज आवाज से वह सहमकर रोने लगा। दर्द से छटपटा रही पूजा के मुंह से आखिरी शब्द 'मुझे बचा लो' निकले। शोर सुनकर मां और बुआ तुरंत जागीं तथा आसपास के लोगों की सहायता से मलबा हटाकर उसे बाहर निकाला गया।

अस्पताल पहुंचने पर हुई पुष्टि

परिजन तड़के चार बजे के आसपास उसे तुरंत मुंगावली अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मुंगावली अस्पताल के डॉक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि अत्यधिक रक्तस्राव और सिर में गहरी चोट लगने के कारण महिला की सांसें थम गईं। मां की मौत के साथ ही गर्भ में पल रहे ढाई किलो के स्वस्थ नवजात शिशु का जीवन भी समाप्त हो गया।