अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में आगामी 27 अक्टूबर से कार्तिक मास का शुभारंभ होने जा रहा है, जो 24 नवंबर तक चलेगा। सनातन परंपरा में इस पूरे महीने को श्रीहरि विष्णु और श्रीराधा-कृष्ण की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी और पवित्र माना गया है।

दामोदर मास के रूप में होती है आराधना

ार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूरे अंतराल में संयम, सेवा, स्नान, तुलसी पूजन, दीपदान और हरिनाम जप का विशेष विधान है। इस महीने को 'दामोदर मास' के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें भगवान दामोदर की अराधना का विशेष महत्व है।

प्रमुख पर्व और त्यौहारों का रहेगा उल्लास

कार्तिक मास के इस एक महीने के दौरान दीपावली, गोवर्धन पूजा, गौरा-गौरी पूजन, तुलसी विवाह और कार्तिक पूर्णिमा जैसे तमाम बड़े पर्व मनाए जाएंगे। इन आयोजनों को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में अभी से उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

ब्रह्म मुहूर्त स्नान और तुलसी पूजन की परंपरा

इस पवित्र अवधि में श्रद्धालु रोजाना सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करते हैं। स्नान के बाद भगवान दामोदर की पूजा कर दामोदर अष्टक का पाठ किया जाता है और भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया जाता है।

इसके अतिरिक्त, तुलसी पूजन और उनके समक्ष दीपदान करने की परंपरा का भी पालन किया जाता है। भक्तगण प्रतिदिन तुलसी जी की 108 या कम से कम 4 परिक्रमा करते हैं और शाम के समय घरों व मंदिरों में दीपक जलाकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।