अशोकनगर जिले के तूमैंन गांव में मंगलवार की रात बिजली की आंख मिचौनी से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया। क्षेत्र में हो रही बार-बार की बिजली कटौती के विरोध में आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के सौ से ज्यादा ग्रामीण एकजुट होकर स्थानीय पावर हाउस जा पहुंचे और वहां घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।
लोड शेडिंग के नाम पर घंटों गुल रहती है बिजली
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के दिन और रात के समय लगातार आपूर्ति बाधित की जा रही है। लोड शेडिंग का हवाला देकर कभी एक-दो घंटे तो कभी तीन से चार घंटे तक बिजली बंद रख दी जाती है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
बिजली कटौती का सबसे बुरा असर किसानों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। किसानों को अपने खेतों में समय पर सिंचाई करने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शाम और रात के वक्त बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने उठाए दोहरे रवैये पर सवाल
इस दौरान किसानों और स्थानीय लोगों ने विभाग के अधिकारियों से तीखे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि बिजली कटौती का यह संकट सिर्फ ग्रामीण इलाकों में ही क्यों देखने को मिलता है, जबकि शहरी क्षेत्रों में सुचारू रूप से आपूर्ति जारी रहती है।
ग्रामीणों का आरोप था कि शहरों में वीवीआईपी और अधिकारी निवास करते हैं, इसलिए वहां बिजली बंद नहीं होती, जबकि गांवों की जनता को घंटों अंधेरे में रहने के लिए मजबूर किया जाता है।
अधिकारियों के समझाने के बाद माने लोग
हंगामे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब अघोषित कटौती नहीं की जाएगी और जल्द ही क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास किए जाएंगे।
अधिकारियों की तरफ से मिले इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और पावर हाउस का घेराव समाप्त किया। हालांकि, उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया, तो वे भविष्य में इससे भी बड़ा उग्र प्रदर्शन करेंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!