अशोकनगर जिले में गणेश उत्सव के समापन के बाद शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं को विदा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शहर के तुलसी सरोवर पर बनाए गए विशेष विसर्जन कुंड में श्रद्धालु अपने आराध्य गणेश जी को विदाई दे रहे हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
इस बार विसर्जन के लिए कुंड को पूरी तरह तैयार किया गया है। कुंड की सीढ़ियों के आगे बैरिकेड लगाए गए हैं ताकि सुरक्षा के लिहाज से कोई भी श्रद्धालु सीधे आगे न जा सके। व्यवस्था संभालने के लिए मौके पर पुलिस बल, नगर पालिका के कर्मचारी और एसडीआरएफ की टीम मुस्तैद है।
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कुंड के बैरिकेड्स के ठीक पीछे एसडीआरएफ की टीम अपनी नाव के साथ मौजूद है। इसके अलावा पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर रहकर पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
क्रेन और कर्मचारियों की मदद से हो रहा विसर्जन
प्रशासन ने विसर्जन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए खास इंतजाम किए हैं। नगर पालिका कर्मियों द्वारा छोटी प्रतिमाओं को सम्मान के साथ हाथ से विसर्जित कराया जा रहा है, जबकि बड़ी प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से पानी में उतारने के लिए क्रेन मशीन की मदद ली जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के वास्ते पूजन कार्य के लिए तखत लगाए गए हैं, जहां रखकर लोग आसानी से प्रतिमाओं का पूजन कर पा रहे हैं।
भक्तों की नम आंखें और गूंजते जयकारे
तुलसी सरोवर पर विसर्जन के दौरान भावुक कर देने वाले दृश्य भी देखने को मिल रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चे अपने हाथों में गणेश प्रतिमाएं थामे नजर आए, वहीं कई जगह बच्चे बप्पा को रोकर विदाई देते दिखे। हालांकि माहौल में 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना' के जयकारों की गूंज भी साफ सुनाई दे रही है।
श्रद्धालु विधि-विधान से पूजन के बाद हवा में रंग और गुलाल उड़ाकर उत्सव का उल्लास मनाते हुए बप्पा को विदा कर रहे हैं। शहर के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों और जिले के अन्य शहरी इलाकों से भी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की खबरें मिल रही हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!