अशोकनगर में बुधवार को पटवारियों ने एकजुट होकर एक आक्रोश रैली निकाली। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा।
राजस्व प्रमुख सचिव के नाम सौंपा गया ज्ञापन
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले दिए गए इस ज्ञापन को डिप्टी कलेक्टर विकास आनंद ने प्राप्त किया। यह ज्ञापन विशेष रूप से राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव के नाम संबोधित किया गया था, जिसमें देवास सहित प्रदेश के अन्य जिलों में पटवारियों पर की गई सेवा समाप्ति और निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों का पुरजोर विरोध किया गया।
व्याहारिक और कानूनी दिक्कतों का हवाला
पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन और पंजीयन-2026 जैसे कार्यों को अमलीजामा पहनाने में मैदानी स्तर पर कई तरह की कानूनी और व्यावहारिक परेशानियां सामने आ रही हैं। इन गंभीर समस्याओं से उच्चाधिकारियों और शासन को लगातार अवगत कराया गया था, लेकिन समस्याओं के समाधान की बजाय पटवारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि पटवारियों के खिलाफ की गई इन सभी दंडात्मक कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, ताकि मैदानी इलाकों में सुचारू रूप से कार्य हो सके।
7 अक्टूबर से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार और सामूहिक अवकाश
अपनी मांगों को मनवाने के लिए पटवारी संघ ने कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। इसके तहत 7 अक्टूबर से प्रदेशभर के पटवारियों ने ऑनलाइन राजस्व संबंधी सभी प्रकार के कार्यों को पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया है।
इसके साथ ही, अशोकनगर जिले के तमाम पटवारी 8 और 9 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, जिससे राजस्व कामकाज प्रभावित होना तय माना जा रहा है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
यदि शासन स्तर पर निलंबन, सेवा समाप्ति और अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। भविष्य में पटवारी संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने और राजस्व से जुड़े संपूर्ण कार्यों का पूर्णतः बहिष्कार करने के लिए बाध्य होगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!