अशोकनगर जिले में इन दिनों मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भोपाल स्तर से कई ब्रांडों के घी के असुरक्षित पाए जाने के बाद, उच्चाधिकारियों के निर्देशों के क्रम में यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर अमल में लाई जा रही है।

शहर की कई दुकानों पर की गई औचक छापामार कार्रवाई

जिला कलेक्टर साकेत मालवीय के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर के प्रमुख बाजारों में पहुंचकर प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान पुराना बाजार क्षेत्र में स्थित राहुल एजेंसी से गोवर्धन और राजभोग ब्रांड के घी के नमूने संकलित किए गए।

इसी क्रम में, विदिशा रोड पर त्रिदेव मंदिर के पास स्थित चौधरी सेल्स से पतंजलि घी तथा सुभाषगंज इलाके में स्थित अमित ट्रेडर्स से धौलपुर फ्रेश देशी घी के सैंपल लिए गए। विभाग द्वारा कुल जब्त किए गए घी की अनुमानित कीमत लगभग दो लाख रुपये आंकी गई है।

जांच के दायरे में हैं कम कीमत पर बिकने वाले उत्पाद

खाद्य सुरक्षा अधिकारी लीना नायक ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि मौके पर मिले गोवर्धन, राजभोग और धौलपुर फ्रेश घी को जब्त कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयीन निर्देशों के तहत चार सौ से पांच सौ रुपये प्रति किलोग्राम तक मिलने वाले सस्ते घी की शुद्धता पर विभाग की विशेष नजर है।

विभाग द्वारा इससे पहले भी डीएफ गोल्ड, बृजवासी, श्रीकृष्ण मोहन और गोपीश्री जैसे ब्रांडों के सस्ते घी के नमूने भरे जा चुके हैं, और मानकों पर खरा न उतरने पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण भी पंजीबद्ध किए गए हैं। मौजूदा कार्रवाई के अंतर्गत मधुसूदन और हरियाणा फ्रेश घी के सैंपल भी प्रयोगशाला परीक्षण के वास्ते प्रेषित किए गए हैं।

प्रशासन ने आम नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील

जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय नागरिकों से लगातार यह आग्रह किया जा रहा है कि वे बेहद कम दामों पर मिलने वाले घी, तेल और वनस्पति कुकिंग मीडियम के सेवन से परहेज करें। स्वास्थ्य के लिहाज से ऐसे उत्पादों की गुणवत्ता संदग्धि हो सकती है।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि स्थानीय स्तर पर कहीं भी मिलावटी अथवा बेहद कम कीमत वाला संदिग्ध घी बेचा जा रहा हो, तो इसकी जानकारी तुरंत अशोकनगर के खाद्य सुरक्षा विभाग को दी जाए ताकि समय रहते सख्त कदम उठाए जा सकें।