अशोकनगर शहर सहित जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर विराजे गणेश भगवान की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इस बार प्रशासन ने सुरक्षा और जल स्रोतों की स्थिति को देखते हुए विसर्जन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शहर में पहली बार प्रतिमाओं का विसर्जन तय किए गए विसर्जन कुंडों में ही संपन्न कराया जाएगा।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और एसडीआरएफ की तैनाती

जिले के कई जलाशयों, तालाबों और नदियों में इस बार पानी का बहाव और जलस्तर अधिक है। गहराई ज्यादा होने के कारण हादसों की आशंका को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। विसर्जन स्थलों पर एसडीआरएफ के जवान और स्थानीय तैराकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा लाइफ जैकेट, ट्यूब, रस्सी और टॉर्च जैसे सुरक्षा संसाधन भी मौके पर मौजूद रहेंगे।

बड़ी मूर्तियों के लिए क्रेन और तय किए गए विसर्जन स्थल

नगर पालिका अध्यक्ष नीरज मनोरिया ने बताया कि बड़ी प्रतिमाओं को पानी तक आसानी से ले जाने और विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए क्रेन की व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासन ने जिलेभर में विसर्जन के लिए स्थान तय किए हैं। इनमें अशोकनगर में तुलसी सरोवर तालाब के पास नवकुंड और अमाही तालाब, शाढौरा में पीलीघटा सिंध नदी, कचनार में भादौन की ओर नदी व त्रिवेणी संगम, चंदेरी में सिंहपुर और परमेश्वर तालाब, ईसागढ़ में सिंह सागर तालाब, नईसराय में सिंध नदी के घाट, मुंगावली में भुजरिया तालाब और मल्हारगढ़ का नया घाट शामिल हैं।

प्रशासन की अपील और आयोजकों की जिम्मेदारी

पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने गणेश उत्सव समितियों और नागरिकों से यह अपील की है कि वे केवल निर्धारित स्थलों पर ही प्रतिमा विसर्जन करें। तय स्थानों के अलावा अन्य किसी जगह विसर्जन के दौरान कोई दुर्घटना होने पर संबंधित आयोजकों की जवाबदेही तय की जाएगी। विसर्जन मार्गों और स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि यातायात सुचारू रहे और लोग अनुशासन के साथ बप्पा को विदाई दे सकें।