अशोकनगर में बुधवार को यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज के बैनर तले बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। सुबह से ही समाज से जुड़े सैकड़ों लोग शहर के सुभाषगंज स्थित रामलीला मंच पर एकत्र होना शुरू हो गए थे। हाथों में तख्तियां और बैनर थामे लोगों ने यहां से एक आक्रोश रैली की शुरुआत की, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंची।

कलेक्ट्रेट गेट पर बैरिकेडिंग और सड़क पर नारेबाजी

रैली जैसे ही कलेक्ट्रेट के पास पहुंची, पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। अंदर जाने की अनुमति न मिलने पर भीड़ ने सड़क पर ही डेरा डाल दिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी हाथों में जलते हुए कंडे भी लेकर पहुंचे थे।

कलेक्टर को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े लोग

सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने लगभग एक घंटे तक जिला कलेक्टर को ही मौके पर आकर ज्ञापन लेने की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों का कहना था कि वे पिछले पंद्रह दिनों से इस विरोध प्रदर्शन की तैयारियां कर रहे थे। विरोध जताने के अनोखे क्रम में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही बैठकर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

राजमाता चौराहे पर चक्काजाम और ट्रैफिक डायवर्जन

मांग पूरी न होने पर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट से उठकर राजमाता चौराहे की तरफ बढ़ गए और वहां चक्काजाम कर दिया। 'यूजीसी रोल बैक' के नारों के साथ शाम सवा पांच बजे तक बड़ी संख्या में लोग चौराहे पर धरने पर बैठे रहे। इस धरने के चलते ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई, जिसके बाद पुलिस ने कुछ छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला।

हालांकि ईसागढ़-गुना और विदिशा मार्ग की ओर से आने वाले कुछ बड़े वाहन इस जाम की चपेट में आ गए। प्रशासन और आयोजकों की सूझबूझ से हालांकि स्कूली वाहनों और आपातकालीन सेवाओं को निकलने के लिए रास्ता दे दिया गया था, जिससे किसी बड़ी असुविधा से बचा जा सके।