अशोकनगर जिले में रविवार की शाम को आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शिक्षक सबसे पहले स्थानीय रघुवंशी धर्मशाला के पास एकत्रित हुए थे।

बाइक रैली निकालकर और बांहों पर सफेद पट्टी बांधकर जताया विरोध

धर्मशाला पर जुटने के बाद शिक्षकों ने एक बाइक रैली निकाली जो तहसील कार्यालय तक पहुंची। इसके पश्चात, सभी शिक्षकों ने पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर का रुख किया। अपनी मांगों के प्रति शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस प्रदर्शन में शामिल सभी शिक्षकों ने अपनी बांहों पर सफेद पट्टियां बांधी हुई थीं।

तहसीलदार को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

कलेक्ट्रेट पहुंचने पर शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव से मुलाकात की और उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में शिक्षकों की कुल छह प्रमुख मांगें शामिल हैं, जिन पर जल्द निर्णय लेने की अपील की गई है।

ज्ञापन के माध्यम से संघ ने मुख्य रूप से मांग की है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) वर्ष 2010 से पहले नियुक्त किए गए शिक्षकों को अनिवार्य टीईटी (TET) परीक्षा से पूरी तरह छूट दी जाए। साथ ही, स्कूलों में लागू की गई अव्यवहारिक हाजिरी व्यवस्था को भी तुरंत प्रभाव से बंद किए जाने की मांग रखी गई।

पुरानी पेंशन और सेवा अवधि की गणना को लेकर प्रमुख मांगें

शिक्षक संघ ने अपनी मांगों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर अध्यापक शिक्षक संवर्ग के लिए भी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की पुरजोर मांग उठाई है। इसके अलावा, गुरुजियों की सेवा अवधि की गणना राज्य के अन्य नियमित कर्मचारियों की भांति उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से किए जाने की बात कही गई है।

प्रदर्शन के दौरान संघ ने अध्यापक शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की। साथ ही यह भी सुझाव दिया कि कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के माध्यम से और शेष 50 प्रतिशत पदोन्नति के जरिए भरे जाएं।

ज्ञापन के अंत में संघ ने नवनियुक्त प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों की परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) दो साल पूरी होने पर उनकी नियुक्ति आदेश को मान्य करने की मांग की है, ताकि उन्हें शत-प्रतिशत वेतनमान का लाभ मिल सके। शिक्षक पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।